كُتِبَ
عَلَيۡهِ
أَنَّهُۥ
مَن
تَوَلَّاهُ
فَأَنَّهُۥ
يُضِلُّهُۥ
وَيَهۡدِيهِ
إِلَىٰ
عَذَابِ
ٱلسَّعِيرِ
٤
उसपर लिख दिया गया है कि जो उसे मित्र बनाएगा, तो वह उसे गुमराह करेगा और उसे भड़कती हुई आग (जहन्नम) की यातना का रास्ता दिखाएगा।
Read q-and-a.tafsir
Ibn Kathir (Abridged)