وَإِذَا
قِيلَ
لَهُمۡ
أَنفِقُواْ
مِمَّا
رَزَقَكُمُ
ٱللَّهُ
قَالَ
ٱلَّذِينَ
كَفَرُواْ
لِلَّذِينَ
ءَامَنُوٓاْ
أَنُطۡعِمُ
مَن
لَّوۡ
يَشَآءُ
ٱللَّهُ
أَطۡعَمَهُۥٓ
إِنۡ
أَنتُمۡ
إِلَّا
فِي
ضَلَٰلٖ
مُّبِينٖ
٤٧
तथा जब उनसे कहा जाता है कि उस धन में से खर्च करो, जो अल्लाह ने तुम्हें प्रदान किया है, तो काफ़िर लोग ईमान वालों से कहते हैं : क्या हम उसे खाना खिलाएँ, जिसे यदि अल्लाह चाहता, तो खिला देता? तुम तो खुली गुमराही में हो।