ءَأَتَّخِذُ
مِن
دُونِهِۦٓ
ءَالِهَةً
إِن
يُرِدۡنِ
ٱلرَّحۡمَٰنُ
بِضُرّٖ
لَّا
تُغۡنِ
عَنِّي
شَفَٰعَتُهُمۡ
شَيۡـٔٗا
وَلَا
يُنقِذُونِ
٢٣
क्या मैं उसे छोड़कर दूसरे पूज्य बना लूँ? यदि रहमान (अत्यंत दयावान् अल्लाह) मुझे कोई हानि पहुँचाना चाहे, तो उनकी सिफ़ारिश मुझे कुछ लाभ नहीं पहुँचा सकेगी और न वे मुझे बचा सकेंगे।