وَخُذۡ
بِيَدِكَ
ضِغۡثٗا
فَٱضۡرِب
بِّهِۦ
وَلَا
تَحۡنَثۡۗ
إِنَّا
وَجَدۡنَٰهُ
صَابِرٗاۚ
نِّعۡمَ
ٱلۡعَبۡدُ
إِنَّهُۥٓ
أَوَّابٞ
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तथा अपने हाथ में तिनकों का एक मुट्ठा ले और उससे मार दे और अपनी क़सम न तोड़।1 निःसंदेह हमने उसे धैर्य करने वाला पाया, अच्छा बंदा था। निश्चय वह अल्लाह की तरफ़ बहुत ज़्यादा लौटने वाला था।