أَفۡتَرَىٰ
عَلَى
ٱللَّهِ
كَذِبًا
أَم
بِهِۦ
جِنَّةُۢۗ
بَلِ
ٱلَّذِينَ
لَا
يُؤۡمِنُونَ
بِٱلۡأٓخِرَةِ
فِي
ٱلۡعَذَابِ
وَٱلضَّلَٰلِ
ٱلۡبَعِيدِ
٨
क्या उसने अल्लाह पर झूठ गढ़ा है या उसमें पागलपन है? बल्कि जो लोग आख़िरत पर विश्वास (ईमान) नहीं रखते, वे यातना1 तथा दूर की गुमराही में हैं।