قُلۡ
إِنَّ
رَبِّي
يَبۡسُطُ
ٱلرِّزۡقَ
لِمَن
يَشَآءُ
مِنۡ
عِبَادِهِۦ
وَيَقۡدِرُ
لَهُۥۚ
وَمَآ
أَنفَقۡتُم
مِّن
شَيۡءٖ
فَهُوَ
يُخۡلِفُهُۥۖ
وَهُوَ
خَيۡرُ
ٱلرَّٰزِقِينَ
٣٩
आप कह दें : निःसंदेह मेरा पालनहार अपने बंदों में से जिसके लिए चाहता है, जीविका विस्तृत कर देता है, और (जिसके लिए चाहता है) तंग कर देता है। और तुम जो चीज़ भी खर्च करते हो, तो वह उसकी जगह और देता है। और वह सबसे उत्तम जीविका देने वाला है।