وَقَالَ
ٱلَّذِينَ
كَفَرُواْ
لَا
تَأۡتِينَا
ٱلسَّاعَةُۖ
قُلۡ
بَلَىٰ
وَرَبِّي
لَتَأۡتِيَنَّكُمۡ
عَٰلِمِ
ٱلۡغَيۡبِۖ
لَا
يَعۡزُبُ
عَنۡهُ
مِثۡقَالُ
ذَرَّةٖ
فِي
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
وَلَا
فِي
ٱلۡأَرۡضِ
وَلَآ
أَصۡغَرُ
مِن
ذَٰلِكَ
وَلَآ
أَكۡبَرُ
إِلَّا
فِي
كِتَٰبٖ
مُّبِينٖ
٣
तथा काफ़िरों ने कहा कि हमपर क़ियामत नहीं आएगी। आप कह दें : क्यों नहीं? मेरे पालनहार की क़सम! जो परोक्ष का जानने वाला है, वह तुमपर अवश्य आएगी। उससे एक कण के बराबर भी कोई चीज़ ओझल नहीं रहती न आकाशों में और न धरती में, तथा न उससे छोटी कोई चीज़ है और न बड़ी, परंतु वह एक स्पष्ट पुस्तक1 में (अंकित) है।