وَلَا
تَنفَعُ
ٱلشَّفَٰعَةُ
عِندَهُۥٓ
إِلَّا
لِمَنۡ
أَذِنَ
لَهُۥۚ
حَتَّىٰٓ
إِذَا
فُزِّعَ
عَن
قُلُوبِهِمۡ
قَالُواْ
مَاذَا
قَالَ
رَبُّكُمۡۖ
قَالُواْ
ٱلۡحَقَّۖ
وَهُوَ
ٱلۡعَلِيُّ
ٱلۡكَبِيرُ
٢٣
और उसके यहाँ केवल उस व्यक्ति की सिफ़ारिश लाभ देगी, जिसे अल्लाह अनुमति देगा।1 यहाँ तक कि जब उनके दिलों से घबराहट दूर कर दी जाती है, तो वे (फ़रिश्ते) कहते हैं : तुम्हारे पालनहार ने क्या कहा? वे कहते हैं : सत्य (कहा) तथा वह सर्वोच्च, बहुत महान है।2