قُلِ
ٱدۡعُواْ
ٱلَّذِينَ
زَعَمۡتُم
مِّن
دُونِ
ٱللَّهِ
لَا
يَمۡلِكُونَ
مِثۡقَالَ
ذَرَّةٖ
فِي
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
وَلَا
فِي
ٱلۡأَرۡضِ
وَمَا
لَهُمۡ
فِيهِمَا
مِن
شِرۡكٖ
وَمَا
لَهُۥ
مِنۡهُم
مِّن
ظَهِيرٖ
٢٢
(ऐ नबी) आप कह दें : उन्हें पुकार कर1 देखो, जिन्हें तुमने अल्लाह के सिवा (पूज्य) समझ रखा है। वे आकाशों और धरती में कणभर भी अधिकार नहीं रखते, और न उन दोनों में उनकी कोई साझेदारी है और न उनमें से कोई उस (अल्लाह) का सहायक ही है।