فَلَمَّا
قَضَيۡنَا
عَلَيۡهِ
ٱلۡمَوۡتَ
مَا
دَلَّهُمۡ
عَلَىٰ
مَوۡتِهِۦٓ
إِلَّا
دَآبَّةُ
ٱلۡأَرۡضِ
تَأۡكُلُ
مِنسَأَتَهُۥۖ
فَلَمَّا
خَرَّ
تَبَيَّنَتِ
ٱلۡجِنُّ
أَن
لَّوۡ
كَانُواْ
يَعۡلَمُونَ
ٱلۡغَيۡبَ
مَا
لَبِثُواْ
فِي
ٱلۡعَذَابِ
ٱلۡمُهِينِ
١٤
फिर जब हमने सुलैमान की मौत का निर्णय कर दिया, तो जिन्नों को उसकी मौत का पता एक घुन के सिवा किसी ने नहीं दिया, जो उसकी लाठी1 को खा रहा था। फिर जब वह गिर गया, तो जिन्नों पर यह बात खुली कि यदि वे परोक्ष2 का ज्ञान रखते, तो इस अपमानकारी यातना में पड़े न रहते।