ذَٰلِكَ
بِأَنَّ
ٱلَّذِينَ
كَفَرُواْ
ٱتَّبَعُواْ
ٱلۡبَٰطِلَ
وَأَنَّ
ٱلَّذِينَ
ءَامَنُواْ
ٱتَّبَعُواْ
ٱلۡحَقَّ
مِن
رَّبِّهِمۡۚ
كَذَٰلِكَ
يَضۡرِبُ
ٱللَّهُ
لِلنَّاسِ
أَمۡثَٰلَهُمۡ
٣
यह इसलिए कि निःसंदेह जिन लोगों ने कुफ़्र किया, उन्होंने असत्य का अनुसरण किया और निःसंदेह जो लोग ईमान लाए, उन्होंने अपने पालनहार की ओर से (आये हुए) सत्य का अनुसरण किया। इसी प्रकार अल्लाह लोगों के लिए उनकी मिसालें बयान करता है।1