ذَٰلِكَ
بِأَنَّهُمُ
ٱتَّبَعُواْ
مَآ
أَسۡخَطَ
ٱللَّهَ
وَكَرِهُواْ
رِضۡوَٰنَهُۥ
فَأَحۡبَطَ
أَعۡمَٰلَهُمۡ
٢٨
यह इस कारण कि निःसंदेह उन्होंने उसका अनुसरण किया जिसने अल्लाह को क्रोधित कर दिया और उसकी प्रसन्नता को बुरा जाना, तो उसने उनके कर्मों को नष्ट कर दिया।1