وَإِذۡ
قَالَ
مُوسَىٰ
لِقَوۡمِهِ
ٱذۡكُرُواْ
نِعۡمَةَ
ٱللَّهِ
عَلَيۡكُمۡ
إِذۡ
أَنجَىٰكُم
مِّنۡ
ءَالِ
فِرۡعَوۡنَ
يَسُومُونَكُمۡ
سُوٓءَ
ٱلۡعَذَابِ
وَيُذَبِّحُونَ
أَبۡنَآءَكُمۡ
وَيَسۡتَحۡيُونَ
نِسَآءَكُمۡۚ
وَفِي
ذَٰلِكُم
بَلَآءٞ
مِّن
رَّبِّكُمۡ
عَظِيمٞ
٦
तथा जब मूसा ने अपनी जाति से कहा : तुम अपने ऊपर अल्लाह की नेमत को याद करो, जब उसने तुम्हें फ़िरऔनियों से छुटकारा दिलाया, जो तुम्हें घोर यातना देते थे, तुम्हारे बेटों का बुरी तरह वध करते और तुम्हारी स्त्रियों को जीवित1 रखते थे। और इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से बहुत बड़ी आज़माइश थी।