وَلَقَدۡ
أَرۡسَلۡنَا
مُوسَىٰ
بِـَٔايَٰتِنَآ
أَنۡ
أَخۡرِجۡ
قَوۡمَكَ
مِنَ
ٱلظُّلُمَٰتِ
إِلَى
ٱلنُّورِ
وَذَكِّرۡهُم
بِأَيَّىٰمِ
ٱللَّهِۚ
إِنَّ
فِي
ذَٰلِكَ
لَأٓيَٰتٖ
لِّكُلِّ
صَبَّارٖ
شَكُورٖ
٥
और निःसंदेह हमने मूसा को अपनी निशानियों (चमत्कारों) के साथ भेजा कि अपनी जाति को अंधेरों से प्रकाश की ओर निकाल ला और उन्हें अल्लाह के दिन याद दिला। निःसंदेह इसमें हर ऐसे व्यक्ति के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो बहुत सब्र करने वाला, बहुत शुक्र करने वाला है।