وَمَآ
أَرۡسَلۡنَا
مِن
رَّسُولٍ
إِلَّا
بِلِسَانِ
قَوۡمِهِۦ
لِيُبَيِّنَ
لَهُمۡۖ
فَيُضِلُّ
ٱللَّهُ
مَن
يَشَآءُ
وَيَهۡدِي
مَن
يَشَآءُۚ
وَهُوَ
ٱلۡعَزِيزُ
ٱلۡحَكِيمُ
٤
और हमने कोई रसूल नहीं भेजा परंतु उसकी जाति की भाषा में, ताकि वह उनके लिए खोलकर बयान करे। फिर अल्लाह जिसे चाहता है, पथभ्रष्ट कर देता है और जिसे चाहता है, मार्गदर्शन प्रदान करता है। और वही सब पर प्रभुत्वशाली, पूर्ण हिकमत वाला है।