وَأُدۡخِلَ
ٱلَّذِينَ
ءَامَنُواْ
وَعَمِلُواْ
ٱلصَّٰلِحَٰتِ
جَنَّٰتٖ
تَجۡرِي
مِن
تَحۡتِهَا
ٱلۡأَنۡهَٰرُ
خَٰلِدِينَ
فِيهَا
بِإِذۡنِ
رَبِّهِمۡۖ
تَحِيَّتُهُمۡ
فِيهَا
سَلَٰمٌ
٢٣
और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए, उन्हें ऐसी जन्नतों में प्रवेश कराया जाएगा, जिनके (महलों और पेड़ों के) नीचे से नहरें बहती हैं। वे अपने पालनहार की अनुमति से उनमें हमेशा रहने वाले होंगे। उसमें उनका अभिवादन 'सलाम' से होगा।