قَالُواْ
يَٰشُعَيۡبُ
مَا
نَفۡقَهُ
كَثِيرٗا
مِّمَّا
تَقُولُ
وَإِنَّا
لَنَرَىٰكَ
فِينَا
ضَعِيفٗاۖ
وَلَوۡلَا
رَهۡطُكَ
لَرَجَمۡنَٰكَۖ
وَمَآ
أَنتَ
عَلَيۡنَا
بِعَزِيزٖ
٩١
उन्होंने कहा : ऐ शुऐब! तुम्हारी बहुत-सी बातें हम नहीं समझते और हम तुम्हें अपने बीच निर्बल देख रहे हैं। और यदि तुम्हारा क़बीला (हमारे धर्म पर) न होता, तो हम तुम्हें पथराव करके मार डालते और तुम हमारी नज़र में प्रतिष्ठित भी नहीं हो।