وَيَٰقَوۡمِ
أَوۡفُواْ
ٱلۡمِكۡيَالَ
وَٱلۡمِيزَانَ
بِٱلۡقِسۡطِۖ
وَلَا
تَبۡخَسُواْ
ٱلنَّاسَ
أَشۡيَآءَهُمۡ
وَلَا
تَعۡثَوۡاْ
فِي
ٱلۡأَرۡضِ
مُفۡسِدِينَ
٨٥
ऐ मेरी जाति के लोगो! न्याय के साथ नाप और तौल को पूरा रखो और लोगों को उनकी चीज़ें कम न दो तथा धरती में उपद्रव फैलाते न फिरो।