وَهُوَ
ٱلَّذِي
خَلَقَ
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
وَٱلۡأَرۡضَ
فِي
سِتَّةِ
أَيَّامٖ
وَكَانَ
عَرۡشُهُۥ
عَلَى
ٱلۡمَآءِ
لِيَبۡلُوَكُمۡ
أَيُّكُمۡ
أَحۡسَنُ
عَمَلٗاۗ
وَلَئِن
قُلۡتَ
إِنَّكُم
مَّبۡعُوثُونَ
مِنۢ
بَعۡدِ
ٱلۡمَوۡتِ
لَيَقُولَنَّ
ٱلَّذِينَ
كَفَرُوٓاْ
إِنۡ
هَٰذَآ
إِلَّا
سِحۡرٞ
مُّبِينٞ
٧
और वही है, जिसने आकाशों तथा धरती को छः दिनों में पैदा किया। उस समय उसका सिंहासन पानी पर था। ताकि तुम्हारी परीक्षा ले कि तुममें किसका कर्म सबसे उत्तम है। और (ऐ नबी!) यदि आप उनसे कहें कि निःसंदेह तुम मरने के बाद पुनः जीवित किए जाओगे, तो जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे अवश्य कहेंगे कि यह तो खुला जादू है।