قَالَ
يَٰنُوحُ
إِنَّهُۥ
لَيۡسَ
مِنۡ
أَهۡلِكَۖ
إِنَّهُۥ
عَمَلٌ
غَيۡرُ
صَٰلِحٖۖ
فَلَا
تَسۡـَٔلۡنِ
مَا
لَيۡسَ
لَكَ
بِهِۦ
عِلۡمٌۖ
إِنِّيٓ
أَعِظُكَ
أَن
تَكُونَ
مِنَ
ٱلۡجَٰهِلِينَ
٤٦
(अल्लाह ने) कहा : ऐ नूह़! वह तेरे घर वालों में से नहीं है। यह माँग उचित नहीं है। अतः मुझसे उस चीज़ का प्रश्न न कर, जिसका तुझे कोई ज्ञान नहीं। मैं तुझे समझाता हूँ कि अज्ञानियों में से न हो जा।