أَمۡ
يَقُولُونَ
ٱفۡتَرَىٰهُۖ
قُلۡ
إِنِ
ٱفۡتَرَيۡتُهُۥ
فَعَلَيَّ
إِجۡرَامِي
وَأَنَا۠
بَرِيٓءٞ
مِّمَّا
تُجۡرِمُونَ
٣٥
क्या वे कहते हैं कि उसने इसे गढ़ लिया है? तुम कह दो कि यदि मैंने इसे गढ़ लिया है, तो मेरा अपराध मुझी पर है और मैं उससे निर्दोष हूँ, जो अपराध तुम कर रहे हो।