۞ مَثَلُ
ٱلۡفَرِيقَيۡنِ
كَٱلۡأَعۡمَىٰ
وَٱلۡأَصَمِّ
وَٱلۡبَصِيرِ
وَٱلسَّمِيعِۚ
هَلۡ
يَسۡتَوِيَانِ
مَثَلًاۚ
أَفَلَا
تَذَكَّرُونَ
٢٤
दोनों पक्षों का उदाहरण अंधे और बहरे तथा देखने और सुनने वाले की तरह है। क्या ये दोनों उदाहरण में बराबर हो सकते हैं? क्या तुम (इससे) नसीहत नहीं पकड़ते?1
Read q-and-a.tafsir
Ibn Kathir (Abridged)