أَمۡ
يَقُولُونَ
ٱفۡتَرَىٰهُۖ
قُلۡ
فَأۡتُواْ
بِعَشۡرِ
سُوَرٖ
مِّثۡلِهِۦ
مُفۡتَرَيَٰتٖ
وَٱدۡعُواْ
مَنِ
ٱسۡتَطَعۡتُم
مِّن
دُونِ
ٱللَّهِ
إِن
كُنتُمۡ
صَٰدِقِينَ
١٣
बल्कि क्या वे कहते हैं कि उसने इस (क़ुरआन) को स्वयं गढ़ लिया है? आप कह दें कि इस जैसी गढ़ी हुई दस सूरतें ले आओ1 और अल्लाह के सिवा, जिसे बुला सकते हो, बुला लो, यदि तुम सच्चे हो।