۞ أَوَلَمۡ
يَسِيرُواْ
فِي
ٱلۡأَرۡضِ
فَيَنظُرُواْ
كَيۡفَ
كَانَ
عَٰقِبَةُ
ٱلَّذِينَ
كَانُواْ
مِن
قَبۡلِهِمۡۚ
كَانُواْ
هُمۡ
أَشَدَّ
مِنۡهُمۡ
قُوَّةٗ
وَءَاثَارٗا
فِي
ٱلۡأَرۡضِ
فَأَخَذَهُمُ
ٱللَّهُ
بِذُنُوبِهِمۡ
وَمَا
كَانَ
لَهُم
مِّنَ
ٱللَّهِ
مِن
وَاقٖ
٢١
क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं, ताकि देखते कि उन लोगों का परिणाम कैसा रहा, जो इनसे पहले थे? वे इनसे अधिक शक्तिशाली थे तथा धरती में इनसे अधिक चिह्न भी छोड़ गए। तो अल्लाह ने उन्हें उनके पापों के कारण पकड़ लिया और उन्हें अल्लाह से बचाने वाला कोई न था।