وَمِنۡ
ءَايَٰتِهِۦٓ
أَنَّكَ
تَرَى
ٱلۡأَرۡضَ
خَٰشِعَةٗ
فَإِذَآ
أَنزَلۡنَا
عَلَيۡهَا
ٱلۡمَآءَ
ٱهۡتَزَّتۡ
وَرَبَتۡۚ
إِنَّ
ٱلَّذِيٓ
أَحۡيَاهَا
لَمُحۡيِ
ٱلۡمَوۡتَىٰٓۚ
إِنَّهُۥ
عَلَىٰ
كُلِّ
شَيۡءٖ
قَدِيرٌ
٣٩
तथा उसकी निशानियों में से है कि आप धरती को सूखी हुई (बंजर) देखते हैं। फिर जब हम उसपर बारिश बरसाते हैं, तो वह हरित हो जाती है और बढ़ने लगती है। निःसंदेह जिस (अल्लाह) ने उसे जीवित किया, वह मुर्दों को अवश्य जीवित करने वाला है। निःसंदेह वह हर चीज़ पर समार्थ्यवान् है।