أَوَلَمۡ
يَتَفَكَّرُواْ
فِيٓ
أَنفُسِهِمۗ
مَّا
خَلَقَ
ٱللَّهُ
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
وَٱلۡأَرۡضَ
وَمَا
بَيۡنَهُمَآ
إِلَّا
بِٱلۡحَقِّ
وَأَجَلٖ
مُّسَمّٗىۗ
وَإِنَّ
كَثِيرٗا
مِّنَ
ٱلنَّاسِ
بِلِقَآيِٕ
رَبِّهِمۡ
لَكَٰفِرُونَ
٨
क्या उन लोगों ने अपने दिलों में विचार नहीं किया कि अल्लाह ने आकाशों और धरती को और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों1 को सत्य के साथ और एक निश्चित अवधि के लिए ही पैदा किया है?! और निःसंदेह बहुत-से लोग अपने पालनहार से मिलने का इनकार करते हैं।