ظَهَرَ
ٱلۡفَسَادُ
فِي
ٱلۡبَرِّ
وَٱلۡبَحۡرِ
بِمَا
كَسَبَتۡ
أَيۡدِي
ٱلنَّاسِ
لِيُذِيقَهُم
بَعۡضَ
ٱلَّذِي
عَمِلُواْ
لَعَلَّهُمۡ
يَرۡجِعُونَ
٤١
जल और थल में लोगों के हाथों की कमाई के कारण बिगाड़ फैल गया1 है, ताकि वह (अल्लाह) उन्हें उनके कुछ कर्मों का मज़ा चखाए, ताकि वे बाज़ आ जाएँ।