ٱللَّهُ
ٱلَّذِي
خَلَقَكُمۡ
ثُمَّ
رَزَقَكُمۡ
ثُمَّ
يُمِيتُكُمۡ
ثُمَّ
يُحۡيِيكُمۡۖ
هَلۡ
مِن
شُرَكَآئِكُم
مَّن
يَفۡعَلُ
مِن
ذَٰلِكُم
مِّن
شَيۡءٖۚ
سُبۡحَٰنَهُۥ
وَتَعَٰلَىٰ
عَمَّا
يُشۡرِكُونَ
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अल्लाह वह (अस्तित्व) है, जिसने तुम्हें पैदा किया, फिर तुम्हें जीविका प्रदान की, फिर तुम्हें मृत्यु देगा, फिर तुम्हें जीवित करेगा।1 क्या तुम्हारे साझियों में से कोई है, जो इन कामों में से कुछ भी कर सके? वह पवित्र है और सर्वोच्च है, उनके साझी बनाने से।