أَوَلَمۡ
يَرَوۡاْ
أَنَّ
ٱللَّهَ
يَبۡسُطُ
ٱلرِّزۡقَ
لِمَن
يَشَآءُ
وَيَقۡدِرُۚ
إِنَّ
فِي
ذَٰلِكَ
لَأٓيَٰتٖ
لِّقَوۡمٖ
يُؤۡمِنُونَ
٣٧
क्या उन्होंने नहीं देखा कि अल्लाह जिसके लिए चाहता है, रोज़ी विस्तृत कर देता है, और जिसके लिए चाहता है, तंग कर देता है? निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशानियाँ हैं, जो ईमान रखते हैं।