ضَرَبَ
لَكُم
مَّثَلٗا
مِّنۡ
أَنفُسِكُمۡۖ
هَل
لَّكُم
مِّن
مَّا
مَلَكَتۡ
أَيۡمَٰنُكُم
مِّن
شُرَكَآءَ
فِي
مَا
رَزَقۡنَٰكُمۡ
فَأَنتُمۡ
فِيهِ
سَوَآءٞ
تَخَافُونَهُمۡ
كَخِيفَتِكُمۡ
أَنفُسَكُمۡۚ
كَذَٰلِكَ
نُفَصِّلُ
ٱلۡأٓيَٰتِ
لِقَوۡمٖ
يَعۡقِلُونَ
٢٨
उसने तुम्हारे लिए स्वयं तुम्हीं में से एक उदाहरण पेश किया है। हमने जो रोज़ी तुम्हें प्रदान की है, क्या उसमें तुम्हारे1 दासों में से तुम्हारा कोई साझी है कि तुम उसमें समान हो, उनसे वैसे ही डरते हो, जैसे एक-दूसरे से डरते हो? इसी प्रकार हम उन लोगों के लिए आयतें खोल-खोलकर वर्णन करते हैं, जो समझ रखते हैं।