وَمِنۡ
ءَايَٰتِهِۦ
خَلۡقُ
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
وَٱلۡأَرۡضِ
وَٱخۡتِلَٰفُ
أَلۡسِنَتِكُمۡ
وَأَلۡوَٰنِكُمۡۚ
إِنَّ
فِي
ذَٰلِكَ
لَأٓيَٰتٖ
لِّلۡعَٰلِمِينَ
٢٢
तथा उसकी निशानियों में से आकाशों और धरती को पैदा करना तथा तुम्हारी भाषाओं और तुम्हारे रंगों का अलग-अलग होना है। निःसंदेह इसमें ज्ञान रखने वालों के लिए निश्चय बहुत-सी निशानियाँ1 है।