وَمِنۡ
ءَايَٰتِهِۦٓ
أَنۡ
خَلَقَ
لَكُم
مِّنۡ
أَنفُسِكُمۡ
أَزۡوَٰجٗا
لِّتَسۡكُنُوٓاْ
إِلَيۡهَا
وَجَعَلَ
بَيۡنَكُم
مَّوَدَّةٗ
وَرَحۡمَةًۚ
إِنَّ
فِي
ذَٰلِكَ
لَأٓيَٰتٖ
لِّقَوۡمٖ
يَتَفَكَّرُونَ
٢١
तथा उसकी निशानियों में से है कि उसने तुम्हारे लिए तुम्ही में से जोड़े पैदा किए, ताकि तुम उनके पास शांति प्राप्त करो। तथा उसने तुम्हारे बीच प्रेम और दया रख दी। निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए बहुत-सी निशाननियाँ हैं, जो सोच-विचार करते हैं।