لَوۡ
أَنزَلۡنَا
هَٰذَا
ٱلۡقُرۡءَانَ
عَلَىٰ
جَبَلٖ
لَّرَأَيۡتَهُۥ
خَٰشِعٗا
مُّتَصَدِّعٗا
مِّنۡ
خَشۡيَةِ
ٱللَّهِۚ
وَتِلۡكَ
ٱلۡأَمۡثَٰلُ
نَضۡرِبُهَا
لِلنَّاسِ
لَعَلَّهُمۡ
يَتَفَكَّرُونَ
٢١
यदि हम इस क़ुरआन को किसी पर्वत पर अवतरित करते, तो निश्चय आप उसे देखते कि अल्लाह के भय से झुक जाता और फटकर टुकड़े-टुकड़े हो जाता। और हम इन उदाहरणों को लोगों के लिए वर्णन कर रहे हैं, ताकि वे सोच-विचार करें।